संविधान की प्रस्तावना , संविधान के विदेशी स्रोत

संविधान की प्रस्तावना , संविधान के विदेशी स्रोत

संविधान की प्रस्तावना (Preamble of India)

इसे 42 संशोधन 1976 द्वारा हमारे संविधान में लिया गया। संविधान की प्रस्तावना को ‘संविधान की कुंजी’ कहा जाता है।

भारत का संविधान विश्व के सभी गणतांत्रिक देशो के संविधान में सबसे लम्बा लिखित संविधान है।

संविधान के विदेशी स्रोत

ब्रिटेन : संसदीय वयवस्था ,एकल नागरिकता

अमेरिका : मौलिक अधिकार ,न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review),न्यापालिका की स्वतंत्रता , राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं न्यायाधीशों पर महाभियोग की प्रक्रिया

आयरलैंड  : निति -निर्देशक सिद्धांत ,राष्ट्रपति के निर्वाचन में निर्वाचन मंडल की वयवस्था , राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में कला,साहित्य , विज्ञान आदि से सम्बंधित विशिष्ट व्यक्तियो का मनोयन प्रणाली

कनाडा : संघात्मक विशेषताएं

जर्मनी : आपातकाल के द्वारान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियॉ

रूस : मौलिक कर्तव्य

दक्षिण अफ्रीका : संविधान संशोधन की प्रक्रिया

ऑस्ट्रेलिया : समवर्ती सूचि का प्रावधान

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