भारतीय संविधान सभा

भारतीय संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन की अनुशंसा पर July 1946 में किया गया। संविधान सभा के कुल सदस्यों की कुल संख्या 389 थी , जिनमे 292 ब्रिटिश प्रान्तों के प्रतिनिधि ,93 देसी रियासतों  के प्रतिनिधि एवं चार चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि थे।

संविधान सभा की पहली बैठक 9 December 1946 को हुई। डॉ सच्चिदानन्द सिन्हा को इसका आस्थायी अध्यक्ष चुना गया।

11 December 1946 को डॉ राजेन्द्र  प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए तथा संविधान सभा की कार्यवाही 13 December 1946 को जवाहर लाल नेहरू के उदेश्य प्रस्ताव के साथ प्रारंभ हुआ।

देश विभाजन के बाद संविधान सभा के कुल सदस्यों की संख्या 299 थी , जिनमे  प्रान्तों के 229 सदस्य ,93 देसी रियासतों  के 70 सदस्य थे।

संविधान निर्माण के प्रक्रिया में कुल  2 वर्ष , 11 महीने और 18 दिन लगे।

संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई। प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ भीमराव अम्बेडकर थे।

संविधान को 26 November 1949 को पारित किया गया। उस समय संविधान में कुल 395 अनुछेद (Articles) , 22 भाग (Parts)और 8 अनुसूचियाँ (Schedules) थी। वर्तमान समय में संविधान में कुल 465 अनुछेद (Articles) , 25 भाग (Parts)और 12 अनुसूचियाँ (Schedules) है।

संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 January 1950 को हुई और उसी दिन डॉ राजेन्द्र प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया।

डॉ भीमराव अम्बेडकर को संविधान का निर्माता कहा जाता है।

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